वृंदावन की एक गोपी रोज दूध दही बेचने मथुरा जाती थी, एक दिन व्रज में एक संत आये, गोपी भी कथा सुनने गई,......

एक बार श्री कृष्ण और अर्जुन भ्रमण पर निकले तो उन्होंने मार्ग में एक निर्धन ब्राहमण को भिक्षा मागते देखा.... अर्जुन को उस पर दया आ गयी और उन्होंने उस ब्राहमण को स्वर्ण मुद्राओ से भरी एक पोटली दे दी। जिसे पाकर ब्राहमण प्रसन्नता पूर्वक अपने सुखद भविष्य के सुन्दर स्वप्न देखता हुआ घर लौट चला।....

फैसला

April 3, 2017 0

किसी के प्रति कोई निर्णय लेने से पहले सौ बार सोचें और तब फैसला करें.

मारवाड़ी स्त्रियाँ सोलह दिन की गणगौर पूजती है . जिसमे मुख्य रूप से, विवाहित कन्या शादी के बाद की पहली होली पर, अपने माता-पिता के घर या सुसराल मे, सोलह दिन की गणगौर बिठाती है . यह गणगौर अकेली नही, जोड़े के साथ पूजी जाती है . अपने साथ अन्य सोलह कुवारी कन्याओ को भी, पूजन के लिये पूजा की सुपारी देकर निमंत्रण देती है

Loved this story ?Loved this story ? महाशिवरात्रि व्रत कथा (Maha Shivratri Story) भोले नाथ जी की महिमा अपरम्पार भोले नाथ जी करते सबका उद्धार image source एक बार. ‘एक गाँव में एक शिकारी रहता था। पशुओं की हत्या करके वह अपने कुटुम्ब को पालता था। वह एक साहूकार का ऋणी था, लेकिन उसका ऋण […]

Loved this story ?Loved this story ? लोहे और हीरे में फर्क एक संत की कथा में एक बालिका खड़ी हो गई। चेहरे पर झलकता आक्रोश… संत ने पूछा – बोलो बेटी क्या बात है? बालिका ने कहा- महाराज हमारे समाज में लड़कों को हर प्रकार की आजादी होती है। वह कुछ भी करे, कहीं […]

The great saint- Ravidas

February 10, 2017 0

श्री गुरु रविदास १५ वि शताब्दी के महान संत, दार्शनिक, कवि और समाज सुधारक हुए.ऐसे महान संत का जन्म सन् 1398 में काशी (उत्तरप्रदेश) में माघ मास की पूर्णिमा को हुआ था। इनके पिता संतोख दास और माता कलसा देवी थी और इनकी पत्नी का नाम लोना था. ये चर्मकार थे, अतः इनकी आजीविका का साधन जूते बनाना था