एक बार श्री कृष्ण और अर्जुन भ्रमण पर निकले तो उन्होंने मार्ग में एक निर्धन ब्राहमण को भिक्षा मागते देखा.... अर्जुन को उस पर दया आ गयी और उन्होंने उस ब्राहमण को स्वर्ण मुद्राओ से भरी एक पोटली दे दी। जिसे पाकर ब्राहमण प्रसन्नता पूर्वक अपने सुखद भविष्य के सुन्दर स्वप्न देखता हुआ घर लौट चला।....

Now our mother tongue hindi could soon be made compulsory. CBSE (central board of secondary education) and KVS (Kendriya Vidyalyas) affiliated schools will receive this order. This decision is for upto 10th standard. This is a recommendation of Parliamentary panel and President Pranab Mukherjee have to approve it.

फैसला

April 3, 2017 0

किसी के प्रति कोई निर्णय लेने से पहले सौ बार सोचें और तब फैसला करें.